न्यू दिल्ली: फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने एक वीडियो जारी कर साफ किया है कि उनकी फिल्म किसी भी तरह से सलमान खान की बायोपिक नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और यह पूरी तरह बिश्नोई समाज की कहानी पर आधारित है, जिसमें उनके संघर्ष, परंपराओं और वन्यजीव संरक्षण के प्रति समर्पण को दिखाया गया है।
अमित जानी ने आरोप लगाया कि सलमान खान की लीगल टीम की ओर से नोटिस भेजकर फिल्म की रिलीज रोकने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि 20 जून को जारी होने वाले टीजर को रोकने की कोशिश की जा रही है, जो कि रचनात्मक स्वतंत्रता पर सवाल खड़ा करता है। जानी ने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म में सलमान खान सिर्फ एक किरदार के रूप में संदर्भित हैं, पूरी कहानी उनके नजरिए से नहीं दिखाई गई है।
वहीं दूसरी ओर सलमान खान की लीगल टीम का कहना है कि इस फिल्म से उनकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है। उनका दावा है कि फिल्म कथित तौर पर 1998 के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित है, जो अभी भी कानूनी प्रक्रिया में है। ऐसे में बिना अनुमति उनके नाम या घटनाओं का इस्तेमाल उनके पर्सनल राइट्स का उल्लंघन माना जाएगा।
गौरतलब है कि 1998 में जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान काला हिरण शिकार का मामला सामने आया था, जिसमें सलमान खान सहित कई कलाकारों के खिलाफ केस दर्ज हुए थे। यह मामला अभी राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है और अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को होनी है।
अब देखना होगा कि फिल्म ‘काला हिरण’ का टीजर तय समय पर रिलीज होता है या यह विवाद और गहराता है।
